Best Gulzar Shayari in Hindi | गुलज़ार साहब शायरी

Gulzar Shayari in Hindi: Friends today we are presenting you, best Gulzar Shayari in Hindi on love. Gulzar Shayari in Hindi. Some famous shayaris and gajhal by Gulzar Sahab for more love Shayari, motivational shayari, sad shayaris collection stay tuned wif us.  Here, We TEMPhas a great collection of Gulzar Shayari. Below You Can Read Best Gulzar Ki Shayari. You Can Share These Gulzar Shayari, On Watsapp, Twitter, Facebook, Instagram, etc.
आज ग़ुलज़ार साहब को समर्पित करते हुए statuscute.com आप सभी ग़ुलज़ार प्रेमियों के लिए लाया है Gulzar Shayari in Hindi यह एक सुंदर और दिल को छूने वाला एक बेहतरीनग़ुलज़ारर शायरी कलेक्शन है जो आपको पसंद आएगा आशा करते हैं.

Gulzar Shayari in Hindi

बहुत मुश्किल से करता, हूँ तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है पर गुज़ारा, हो ही जाता है !!

इतने बेवफा नहीं है जो तुम्हें भूल जायेंगे, अक्सर चुप रहने वाले प्यार बहुत करते हैं.

सालों बाद मिले हो गले लगाकर रोने लगे,
जाते वक्त जिसने कहा था तुम्हारे जैसे हजार मिलेंगे !!

gulzar shayari

मेरी फितरत में, नहीं था तमाशा करना,
बहुत कुछ जानते थे तब, भी खामोश है हम !!

मोहब्बत तब ही करो जब उसे निभा सको, बाद में मजबूरियों का सहारा लेकर किसी को छोड़ देना वफादारी नहीं होती.

दौलत नहीं शोहरत नहीं,न वाह चाहिए
“कैसे हो?” बस दो लफ़्जों की परवाह चाहिए !

gulzar shayari

तुम जो साथ हो तो दुनिया अपनी सी,
लगती है वरना सीने में साँस भी पराई लगती है !!

बात ये नहीं कि मैं उससे नाराज था,
बात ये है कि उसने नाराज ही रहने दिया.

बातों से ही तो इश्क हुआ करता है साहब,
शक्ल देखकर तो शादियां हुआ करती है !!

heart touching gulzar shayari

आखिर कितना चाहना पड़ता है एक शख्स को ? कि वो किसी और को ना चाहे!

हो सके तो हमसे परहेज किया कीजिए, लत लग गई तो हमारे सिवा कहीं सुकून नहीं मिलेगा.

तुझ से बिछड़ कर कब ये हुआ कि मर गए,
तेरे दिन भी गुजर गए और मेरे दिन भी गुजर गए.

gulzar shayari in hindi

तुम जब ज़िद करती हो ना बहुत अपनी सी लगती हो, दिल को अच्छा लगता है तुम्हारा यूँ हक़ जताना.

सबकी जिंदगी में एक ऐसा शख़्स जरूर होता है, जो किस्मत में नहीं, लेकिन दिल और दिमाग में हर वक़्त रहता है.

मेरी एक चाहत है कि एक चाहने वाला ऐसा हो,
जो चाहने में बिल्कुल मेरे जैसा हो.

gulzar shayari in hindi

करीब इतने रहो कि रिश्तों में प्यार रहे, दूर भी इतने रहो कि आने का इंतजार रहे.

किसी को क्या बताए कितना मजबूर है हम, चाह था सिर्फ एक तुमको और अब तुमसे ही दूर है हम.

जिन दिनों आप रहते थे, आंख में धूप रहती थी
अब तो जाले ही जाले हैं, ये भी जाने ही वाले हैं.

gulzar shayari in hindi

बात ये नहीं कि मैं उससे नाराज था,
बात ये है कि उसने नाराज ही रहने दिया.

पहला प्यार सच्चा था तो, दूसरा हुआ क्यूँ? अगर दूसरा प्यार सच्चा है तो पहला याद आ रहा क्यूँ ?

एक वक़्त के बाद हर कोई गैर हो जाता है, उम्रभर किसी को अपना समझना बस वहम है.

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Gulzar Shayari On Life In Hindi

कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती,
जब तक ख़ुद पर ना गुजरे।

हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते

सहमा सहमा डरा सा रहता है
जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है

gulzar shayari on life

“हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते.”

ज़िंदगी पर भी कोई ज़ोर नहीं दिल ने हर चीज़ पराई दी है

इतना क्यों सिखाये जा रही है ज़िन्दगी
हमें कौन सी सदियाँ गुज़ारनी है यहाँ

gulzar shayari on life

इतना क्यों सिखाये जा रही है ज़िन्दगी
हमें कौन सी सदियाँ गुज़ारनी है यहाँ

मेरी फितरत में नहीं था तमाशा करना, बहुत कुछ जानते थे मगर ख़ामोश रहे.!

दोस्ती और मोहब्बत में फर्क सिर्फ इतना है बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजर चुरा लेती और दोस्ती सीने से लगा लेती है

Gulzar Quotes on Friendship

लगता है जिंदगी आज खफा है,
चलिए छोड़िए कौनसी पहली दफा है !

“ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा.”

gulzar shayari on life

हमेशा से तो नही रहा होगा तू भी सख्त दिल
तेरी भी मासूमियत से भी
किसी ने खेला होगा !!

दोस्तों के नाम का एक ख़त जेब में रख कर क्या चला ..!
क़रीब से गुज़रने वाले पूछते इत्र का नाम क्या है…!!

gulzar shayari on life

वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर, आदत इस की भी आदमी सी है।

“पलक से पानी गिरा है, तो उसको गिरने दो
कोई पुरानी तमन्ना, पिंघल रही होगी!!”

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Gulzar shayari on dosti 

(गुलजार दोस्ती शायरी)

दोस्ती करने वालों की कमी नहीं है दुनिया में, अकाल तो निभाने वालों का पड़ा है साहब!.!

मैंने तो बस दोस्ती मांगी थी
वो इश्क़ देकर बर्बाद कर गया

मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता, हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है।”

gulzar ki shayari

दोस्तों के नाम का एक ख़त जेब में रख कर क्या चला ..!
क़रीब से गुज़रने वाले पूछते इत्र का नाम क्या है…!!

दोस्ती करने वालों की कमी नहीं है दुनिया में, अकाल तो निभाने वालों का पड़ा है साहब!.!

इतना क्यों सिखाये जा रही है ज़िन्दगी
हमें कौन सी सदियाँ गुज़ारनी है यहाँ

gulzar ki shayari

बचपन के भी वो दिन क्या खूब थे,
ना दोस्ती का मतलब था न मतलब की दोस्ती थी!!

उम्र और ज़िन्दगी में बस फर्क इतना..
जो दोस्तों बिन बीती वो उम्र
और जो दोस्तों संग गुज़री वो ज़िन्दगी

“दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे एहसान उतारता है कोई. “

gulzar ki shayari

बचपन के भी वो दिन क्या खूब थे,
ना दोस्ती का मतलब था न मतलब की दोस्ती थी!!

सोचता हूँ दोस्तों पर मुकदमा कर दूँ,
इसी बहाने तारीखों पर मुलाक़ात तो होगी..!!!

लगता है जिंदगी आज खफा है,
चलिए छोड़िए कौनसी पहली दफा है !

gulzar ki shayari

दुश्मनी में भी दोस्ती का सिला रहने दिया
उसके सारे खत जलाये बस पता रहने दिया

2 lines gulzar shayari

कोई अटका हुआ है पल शायद
वक़्त में पड़ गया है बल शायद

कुछ अच्छे दोस्त भी बना लेना,
मोहब्बत हर वक्त साथ नहीं देती..!!

दिल से खूबसूरत बनो, शक्ल के लिए तो फ़िल्टर है…!

सिर्फ़ उनके साथ रहो,
जिन्हें आपके साथ की ज़रूरत हो.

मोहब्बत बेमिसाल तब होती है,
जब चाहने वाला बेशुमार इज्जत करें!

Gulzar Shayari On Zindagi

शरारत करो, साजिशे नहीं
हम शरीफ है पर उतने नहीं!!

बेवफाओ से हार कर.
वफादारों से बदला लेते है लोग!!

शरीफ कोई नहीं होता,
सबके अपने राज होते हैं.!

इज्जत को हमेशा,
मोहब्बत से ऊपर रखो

क़दर करने वालों को हमेशा
बेक़दर लोग ही मिलते हैं..!!

जो हर किसी का हो जाए
उसका ना होना ही बेहतर हैं.

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